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पंचकुइया के पीठाधीश्वर श्रीमहंत बने रामगोपालदास महाराज:साधु-संतों ने ओढ़ाई महंताई की चादर

 

पंचकुइया स्थित श्री राम मंदिर आश्रम के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास महाराज के निधन के बाद खाली हुए गद्दी स्थान पर महामंडलेश्वर रामगोपालदास महाराज को आश्रम का पीठाधीश्वर श्रीमहंत बनाया है। उनका चादर विधि समारोह शनिवार को आयोजित किया गया। 

महंत रामबालक दास महाराज रामायणी ने बताया कि शनिवार को मंदिर में चादर विधि समारोह आयोजित किया गया। समारोह में श्री रामगोपालदास महाराज ने सबसे पहले भगवान टीकमजी महाराज और श्री गणेश पूजन व गादी पूजन किया। इस दौरान रामगोपालदास महाराज को आचार्य पंडितों के वेद मंत्रों के बीच टीलाद्वाराचार्य मंगल पीठाधीश्वर श्री माधवाचार्य महाराज, वृंदावन से मलूक पीठाधीश्वर डॉ. श्री राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज ने तिलक लगाकर गादी पर बैठाया। इसके साथ ही महामंडलेश्वर रामप्रवेशदास महाराज तेहरह भाई त्यागी खालसा महामंडलेश्वर बृजमोहनदास महाराज, महात्यागी कैंप के महामंडलेश्वर सीतारामदास महाराज, बलरामदास महाराज, हंसपीठाधीश्वर रामचरणदास महाराज, महामंडलेश्वर श्री राधे राधे बाबा ने हार फूल माला पहनाकर श्रीफल प्रदान किया।

इंदौर विरक्त साधु मंडल के महामंडलेश्वर रामबालकदास रामायणि, श्री रेवा विरक्त मंडल इंदौर के महामंडलेश्वर रामकृपालदास महाराज, महामंडलेश्वर चैतन्य स्वरूप महाराज, महामंडलेश्वर मुनिशरणदास महाराज, ओंकारेश्वर से महामंडलेश्वर श्यामसुंदरदास महाराज, जयपुर से महामंडलेश्वर योगीदास महाराज, पवन दास महाराज सहित अन्य साधु संतों ने उन्हें महंताई की चादर ओढ़ाकर श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम का पीठाधीश्वर श्रीमहंत बनाया। इस अवसर पर श्री श्री विद्याधाम के स्वामी चिन्मयानंद महाराज, महामंडलेश्वर पवनानंद महाराज, बालकदास महाराज, महंत गंगादास महाराज रामदास महाराज, अवधेश दास महाराज सहित इंदौर के प्रमुख मंडलों के महामंडलेश्वर सहित संत महंत भी चादर विधि में शामिल हुए। इस समारोह में विधायक रमेश मेंदोला, नारायण अग्रवाल, प्रकाश गोयल, शरद गोयल, गोपाल गोयल, अशोक गोयल, जगदीश मामा, हरि गोयल, पीड़ी गर्ग सहित भक्तों ने भी महामंडलेश्वर रामगोपालदास महाराज को हार फूल माला पहनाकर स्वागत किया।

प्रकल्प गो सेवासंत सेवा हमेशा जारी रहेगी

इस अवसर पर पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर रामगोपालदास महाराज ने कहा कि मैं साकेतवासी महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास महाराज के पद चिन्हों पर चलूंगा। उनके द्वारा जारी सेवा प्रकल्प गो सेवा, संत सेवा हमेशा जारी रहेगी। पूरे संत समाज ने जो मुझ पर विश्वास जताया उस पर पूरा खरा उतरूंगा। 



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