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इंदौर में चार किलो वजन का एक अनोखा उल्लू मिला है। जो चूहा और मुर्गा खाता है

 

इंदौर में चार किलो वजन का एक अनोखा उल्लू मिला है। जो चूहा और मुर्गा खाता है। इतना ही नहीं वह शराब भी पीता है।बाजार में इस अनोखे उल्लू की कीमत डेढ़ करोड़ रूपए हैं। वह बीते दिनों महू क्षेत्र के एक किसान के खेत में कहीं से उड़कर आ गया था। जो अब क्राइम ब्रांच इंदौर की कस्टडी में है। दरअसल क्राइम ब्रांच ने दतोदा गांव से एक तस्कर को पकड़ा है। वह चार किलो वजन के इस अनोखे उल्लू को बेचने की फिराक में था। तस्कर, उल्लू का सौदा कर पाता, उससे पहले ही क्राइम ब्रांच ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को तस्कर से एक कछुआ भी मिला है।

तस्कर उल्लू को दीपावली पर अच्छी कीमत पर बेचना चाहते थे। इसके लिए उल्लू को आरोपी ने घर पर ही रखा हुआ था। आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उल्लू , उसके खेत में कहीं से आया था। तभी उसे पकड़ लिया था।

वजन के हिसाब से बिकता है उल्लू

दीपावली पर उल्लू बाजार में वजन के हिसाब से अच्छी कीमत पर बिकता है। उल्लू का वजन तेजी से बढ़े, इसके लिए उसे चूहा और मुर्गा खिलाया जा रहा था। ताकि उसका वजन तेजी से बढ़ जाए। पुलिस के मुताबिक तस्कर से मिला उल्लू 4 किलो का है। वर्तमान में इसकी बाजार कीमत डेढ़ करोड़ रूपए हैं। तंत्र क्रिया करने वाले कथित तांत्रिक 4 किलो वजन का उल्लू बुलवाते हैं।

तंत्र क्रिया के लिए कछुए की भी तस्करी

निमाड़ अंचल में तंत्र क्रिया के नाम पर 20 नाखून वाले कछुए की भी तस्करी होती है। सामान्यत: कछुए के चार पैरों में 12 नाखून होते हैं। कुछ लोग सर्जरी कर नाखून लगा देते हैं।

आरोपियों की संख्या को लेकर दावे अलग - अलग

डीसीपी क्राइम ब्रांच निमिष अग्रवाल ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दो उल्लू तस्करों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि दो आरोपी उल्लू को बेचने की फिराक में घूम रहे थे। जबकि वन विभाग ने एक ही आरोपी की सुपुर्दगी की बात कही है। वन विभाग ने उल्लू तस्कर का नाम मुकेश जामरे बताया है। जो महू क्षेत्र के सागरपेशा गांव का रहने वाला है। आरोपी से पूछताछ कर उल्लू खरीदने वाली गैंग के बारे में पूछताछ की जा रही है।

उल्लू के शिकार या तस्करी पर तीन साल की जेल

उल्लू विलुप्त प्रजाति के पक्षियों की श्रेणी में है। भारतीय वन्य जीव अधिनियम 1972 की अनुसूची-एक के तहत उल्लू संरक्षित है। इसकी तस्करी या शिकार करने वाले को कम से कम 3 साल जेल की सजा का प्रावधान है।

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