Header Ads Widget

Responsive Advertisement

कलेक्टर मनीष सिंह ने निजी अस्पताल संचालकों की बैठक बुलाई


इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह

कोरोना संक्रमित मरीजों को बेड उपलब्ध कराने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। कलेक्टर मनीष सिंह ने निजी अस्पताल संचालकों की बैठक बुलाई। उन्होंने इस बात पर आपत्ति ली कि मरीजों को मरणासन्न अवस्था में रैफर किया जा रहा है। पैसा खत्म होने पर मरीज को सरकारी अस्पताल भेज दिया जाता है। डिस्चार्ज व शिफ्टिंग को लेकर कलेक्टर ने कहा कि मरीजों के पैसे खत्म होने पर होम आइसोलेशन में भेजने की शिकायतें भी मिली हैं।


सही तरह से शिफ्टिंग नहीं होने से मरीज की मौत हो जाती है। यह व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निजी अस्पताल संचालकों से बेड बढ़ाने के लिए कहा। कुछ अस्पतालों से जवाब मिला कि वे बेड बढ़ाने की स्थिति में नहीं है। उनसे कहा गया कि वे एक-एक होटल लेकर उन्हें कोविड केयर सेंटर बनाएं। वहां जिन मरीजों को रखा जाएगा, उनकी जिम्मेदारी अस्पताल का स्टाफ उठाए। तीन निजी अस्पतालों ने सहमति दे दी है। लगभग 700 बेड बढ़ाए जाने हैं। बैठक में निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि, आईएमए के सदस्य, एमजीएम मेडिकल काॅलेज डीन, अस्पतालों के अधीक्षक, सीएमएचओ सहित अन्य अधिकारी आदि मौजूद थे।


37 नर्सिंग कॉलेजों को बनाएंगे कोविड केयर सेंटर
बढ़ते कोरोना संकट के बीच शहर के सभी 37 नर्सिंग कॉलेजों को कोविड केयर सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। कलेक्टर के साथ हुई बैठक में सभी कॉलेज संचालकों ने इसकी सहमति दी है। कलेक्टर मनीष सिंह ने इस बारे में पहल की। इस पर नर्सिंग सेवा मुहैया कराने के लिए इंदौर मेडिकल एवं नर्सिंग एसोसिएशन ने जिम्मेदारी ली है।


एसोसिएशन के अवधेश दवे ने कहा हमारे प्रतिनिधि निजी अस्पतालों के निरंतर संपर्क में रहेंगे। कहीं भी नर्स की आवश्यकता पड़ेगी तो नर्सिंग कॉलेज के सचिव या अध्यक्ष से संपर्क किया जा सकता है। बैठक में यह भी बताया गया कि नर्सिंग कॉलेज की फैकल्टी प्रशिक्षित रहती है। वहां बेड एवं अन्य सुविधाएं देकर कॉलेज को कोविड केयर सेंटर के रूप में विकसित करके कोविड पेशेंट को रखा जा सकता है। वहां प्रशिक्षित फैकल्टी होने से गुणवत्तापूर्ण मेडिकेशन हो सकता है। बैठक में अक्षय तिवारी, सुनील पांड्या, अभय पांडेय भी मौजूद थे।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ