फेसलेस एसेसमेंट सिस्टम लागू होने के बाद अब इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) का आयकर विभाग से मोह भंग होने लगा है। मप्र में संभवत: यह पहली बार हुआ है जब आयुक्त स्तर के आईआरएस की सेवाएं केंद्र से मप्र शासन को सौंपी गई हों। 2001 बैच के आयकर आयुक्त इंदौर राजीव जैन को प्रबंध संचालक (एमडी) कृषि उद्योग विकास निगम बनाया है।
उनकी नियुक्ति आईएएस श्रीकांत बनोठ की जगह हुई है। बनोठ स्कूल शिक्षा विभाग में उप सचिव बनाए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि आईआरएस अफसरों के मोहभंग की बड़ी वजह फेसलेस स्कीम है, जिसमें सीधे सुनवाई के अधिकार खत्म हो गए हैं। अब करदाता के पास ऑनलाइन ही नोटिस जाता है व वैसे ही जवाब लिया जाता है। कौन सा केस किस अधिकारी के पास है, यह किसी को नहीं पता होता। जांच अधिकारी को नहीं पता होता कि वे किस करदाता की जांच कर रहे हैं।
एक मेडिकल कॉलेज पहुंचे दूसरे ने छोड़ी नौकरी
इसी तरह इंदौर में ही पदस्थ रहे सीनियर आईआरएस केजी गोयल भी कुछ समय पहले केंद्र के माध्यम से पुडुचेरी में स्थापित केंद्रीय मेडिकल कॉलेज में प्रतिनियुक्ति पर चले गए थे। हाल ही में ईडी इंदौर और फिर आयकर इन्वेस्टिगेशन विंग भोपाल में ज्वॉइंट डायरेक्टर रहे प्रशांत मिश्रा ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। मिश्रा आईआईटी से पढ़े हुए हैं और बताते हैं वे खुद का स्टार्टअप लाने की तैयारी कर रहे हैं।
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