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जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाए गए हैं वहां निगम का उद्यान शाखा द्वारा फैंसिंग कर पौधे रोपे जा रहे हैं


भोपाल। एमपी नगर जोन वन और जोन टू से नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी अमले द्वारा बीते दो महीने से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है। जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाए गए हैं वहां निगम का उद्यान शाखा द्वारा फैंसिंग कर पौधे रोपे जा रहे हैं। ताकि दोबारा अतिक्रमण न होने पाए। हाल ही में बीडीए के सामने और माखनलाल पत्रकारिता विवि के सामने वाले हिस्से में फैंसिंग की गई है।


बाकी हिस्से में जगह की उपलब्धता के आधार पर फैंसिंग करने की तैयारी है, लेकिन अतिक्रमणकारी फैंसिंग के अंदर ही वापस गुमठियां लगाकर अपना व्यवसाय करने लगे हैं। इससे पौधों को पनप पाना मुश्किल होगा। शुक्रवार को निगम अमले ने कार्रवाई करते हुए दोबारा लगी 40 से अधिक ठेले गुमठियों को जब्त करने की कार्रवाई की। निगम अधिकारियों का कहना है कि फैंसिंग के अंदर दुकानें नहीं लगने दी जाएंगी।


 


गुमठियों के लिए तैयार हुआ नया हाकर्स कार्नर


इधर, गायत्री मंदिर के सामने निगम के स्टोर में रखे सामान को हटाकर समतल करा दिया गया है। अब इस हिस्से पर ठेले गुमठियों के लिए जगह आवंटित की जाएगी। यहां 200 से अधिक ठेले गुमठियों को रखने की क्षमता बताई जा रही है।


 


आवंटन में हो सकता है विवाद


एमपी नगर में 416 गुमठियां हटाई गईं थी। निगम द्वारा पूर्व में लॉटरी कराई गई थी, जिसमें 250 से अधिक नाम सूची में नहीं थे। जो लोग बच गए थे, उनकी लॉटरी दोबारा नहीं हुई। ऐसे में नए हाकर्स कार्नर में जगह आवंटन को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है। निगम द्वारा इससे पहले जोन टू में रेलवे ट्रैक के किनारे गुमठियां रखवाने पर स्थानीय रहवासियों, कोचिंग संचालकों और व्यापारियों ने विरोध किया था। इसके बाद वहां शिफ्टिंग रोक दी गई थी।


 


अन्य स्थानों पर गुमठियों के लिए जगह पर नहीं हो सकता फैसला


निगम द्वारा पूर्व में हटाई गई गुमठियों के लिए चार स्थान का चयन किया गया था, लेकिन इसमें से गायत्री मंदिर के सामने निगम के स्टोर वाली जगह को ही फाइनल किया गया। जबकि एमपी नगर जोन टू में अन्य तीन स्थानों पर ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए गुमठियां शिफ्टिंग की योजना रोक दी गई।


 


सिर्फ गरीबों पर कार्रवाई, अवैध फर्नीचर की दुकानों को छोड़ा


सुभाष नगर रेलवे फाटक के पास से स्लाटर हाउस तक दर्जन भर से अधिक फर्नीचर की दुकानें अवैध रूप से संचालित हो रही हैं। लेकिन महापौर आलोक शर्मा के निर्देश के बाद भी इन्हें नहीं हटाया गया। निगम का ध्यान सिर्फ ठेले गुमठियों तक ही सीमित है। जबकि इससे मैदामिल रोड पर ट्रैफिक जाम की समस्या हो रही है।


 


जिन स्थानों से ठेले गुमठियां हटाए गए हैं वहां फैंसिंग कर पौधरोपण कराया जा रहा है। नई गुमठियों को हटाने की कार्रवाई जारी है। फर्नीचर की दुकानों को हटाने के लिए कहा गया था, अब तक क्यों नहीं हटी, इसकी जानकारी ली जाएगी


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